1977 जैसा हो गया है प्रदेश का माहौल-रामगोपाल यादव

रैली को लेकर करूंगा चुनाव आयोग से मांग
फिरोजाबाद। गुरुवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव ने कहा, इस बार के चुनाव में 1977 जैसा माहौल हो गया है। इस बार भी जनता नहीं बोल रही है। एग्जिट पोल को लेकर मैं चुनाव आयोग से एक फरवरी को मिलूंगा। प्रचार पर जो बंदिश लगाई गई हैं, उसे शुरू कराने की मांग करूंगा।
राम गोपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के चुनावी एजेंडे के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, सपा योगी सरकार की असफलताओं को लेकर चुनावी मैदान में उतरी है। जिसमें टीईटी, बेरोजगारी, गुंडागर्दी, महिलाओं पर अत्याचार, बेरोजगारी, शिक्षामित्रों का मुद्दा और किसानों की समस्याएं प्रमुख हैं। दबरई स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बातचीत में राम गोपाल यादव ने भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, किसान आंदोलन के दौरान 1,100 किसान मर गए, लेकिन इन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। चुनाव में भाजपा के खिलाफ हमारे पास मुद्दों की कमी नहीं है, जहां से निकल जाओ, वहीं मुद्दे ही मुद्दे हैं। एनएसपी को समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाली के सवाल पर उन्होंने कहा, वर्ष 2005 में सपा की सरकार नहीं थी। विपक्षी झूठ बोल रहे हैं। वहीं जिले में समाजवादी पार्टी की स्थिति पर राम गोपाल यादव ने कहा, जिले की सभी पांचों विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी जीत हासिल करेगी। यहां सपा को टक्कर देने वाला कोई नहीं है। हालांकि जिस स्थिति में नामांकन हो रहे हैं, इससे हम असंतुष्ट हैं। राम गोपाल यादव ने कहा, जनता बीजेपी के शासन से परेशान है। प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ हुई हैं। नौकरी मांगने वालों पर लाठियां चल रही हैं। इलाहाबाद में बच्चों को घर से निकालकर मारा गया। यह तानाशाही व्यवस्था है। इसको खत्म करने के लिए जनता वोट करेगी। कृषि कानूनों के खिलाफ वर्षों किसान बैठा रहा। हजारों किसान मर गए। जब इन्होंने देखा कि चुनाव आ गए तब इन्होंने किसानों से माफी मांग ली। राम गोपाल यादव ने कहा, रोजगार के नाम पर सरकार झूठ बोलती रही। गांव में पूछ लो एक आदमी को रोजगार नहीं मिला। सब फर्जी बातें करते हैं। झूठ बोलने की पराकाष्ठा हो गई है। झूठ बोलने में बड़े पदों पर बैठे लोगों को शर्म नहीं आती है। वहीं चुनाव की शुरुआत से पहले अखिलेश यादव की रैलियों को लेकर राम गोपाल ने कहा, अखिलेश की रैलियों में लाखों लोग आए थे। लोग अखिलेश को पसंद करते हैं। अखिलेश को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।

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