फिरोजाबाद: कोरोना काल के योद्धा नौकरी बचाने के लिए बैठे धरने पर

फिरोजाबाद। जहाॅ एक तरफ वैश्विक महामारी आफत मचा रही थी। कोरोना से पीड़ित लोगों को अपने ही छूने को तैयार नहीं थे, तब शासन-प्रशासन ने मेडीकल काॅलेज में स्टाफ नर्स की भर्ती कर कोरोना से पीड़ित मरीजों की देखभाल की गई थी। कोरोना में इन्हीं स्टाफ नर्स की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसलिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इनको कोरोना योद्धा से सम्मानित किया था। लेकिन लगभग चार वर्ष बाद वहीं योद्वा अपनी नौकरी बचाने के लिए मजबूरन धरने पर बैठ गये।

स्टाफ नर्स ने कोरोना के साथ-साथ डेंगू में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन स्टाफ नर्स की भर्ती करने वाली कम्पनी वाजपेयी ट्रेडर्स द्वारा 18 दिसम्बर को 30 स्टाफ नर्स की सेवा समाप्ति की पत्र जारी होने के बाद मेडीकल काॅलेज में सेवा दे रहे स्टाफ नर्स में खलबली में मच गई। जिसके बाद अपनी नौकरी बचाने के लिए बुधवार को मेडीकल काॅलेज के प्रांगण में धरने पर बैठ गये और जारी सेवा समाप्ति के पत्र को निरस्त करने की मांग के साथ-साथ में भविष्य में किसी भी कर्मी को नहीं निकाला जाये कि लिखित आदेश की मांग करने लगे।

वहीं मेडीकल काॅलेज के प्राचार्या डाॅ बलवीर सिंह मौखिक रूप से किसी को भी नौकरी से ना हटाने का आश्वासन दिया है। लेकिन धरने पर बैठे कर्मी लिखित आदेश की मांग को लेकर अड़े रहे है। समाचार लिखने तक स्टाफ नर्स धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सीएमएस डाॅ नवीन जैन, थाना उत्तर पुलिस के साथ महिला पुलिस भी सुरक्षा को लेकर मुस्तैद रही।

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