फिरोजाबाद- केमिस्ट व निजी क्लीनिक के माध्यम से टीबी को लेकर बढ़ाई जा रही जागरुकता

कैलेंडर के माध्यम से आने वाले मरीजों को किया जा रहा जागरुक

फिरोजाबाद। क्षय रोग यानि टीबी को जागरुकता के जरिए ही खत्म किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले मरीजों की पहचान कर उनका उपचार जरूरी है। तभी टीबी का खात्मा संभव है। डीटीसी द्वारा टीबी मुक्त फिरोजाबाद अभियान चलाया जा रहा है। इसमें डीटीसी द्वारा केमिस्ट व निजी क्लीनिकों पर आने वाले मरीजों को आईसी मैटेरियल के जरिए टीबी रोग के प्रति जागरुक किया जा रहा है।

उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि क्षय रोग विभाग द्वारा जनपद के निजी क्लीनिकों और केमिस्ट का टीबी मुक्त फिरोजाबाद अभियान में सहयोग लिया जा रहा है। यहां पर आने वाले मरीजों को आईसी मैटेरियल के जरिए टीबी के प्रति जागरुक किया जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा जनपद के निजी क्लीनिकों और केमिस्ट की दुकानों पर टीबी से जागरुकता के लिए पोस्टर लगाए जा रहे हैं।

जिससे कि यहां पर आने वाले मरीज व उनके परिजन टीबी के प्रति जागरुक हों। उन्होंने बताया कि जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 तक जनपद में 5012 टीबी मरीज खोजे गए, इसमें से 3500 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। शेष मरीज उपचारित हैं। एक जनवरी 2022 से 23 फरवरी 2022 तक जनपद में 705 टीबी मरीज खोजे जा चुके हैं और सभी का उपचार शुरु कर दिया गया है।

जिला पीपीएम समन्वयक मनीष यादव ने बताया कि टीबी मुक्त फिरोजाबाद अभियान में केमिस्ट टू केमिस्ट आईसी कैंपेन चलाया जा रहा है। इसके तहत केमिस्ट व डॉक्टरों को कैलेंडर, डायरी दिए जा रहे हैं। इसमें डीटीसी टीबीएचबी प्रमोद कुमार प्रबेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ऐसे आशा कार्यकर्ता व स्वयंसेवी को 500 रुपए की धनराशि दी जाती है जो टीबी के मरीजों का चिन्हांकन कराते हैं या उन्हें डीटीसी लाकर उनकी जांच के बाद उनका उपचार शुरू करवाते हैं।

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