फिरोजाबाद: माॅ ही बच्चों की प्रथम गुरू होती है-रूपाली भटनागर

-किड्स कॉर्नर सीनियर सैकेंड्री स्कूल में मनाया गया मातृ दिवस

फिरोजाबाद। किड्स कॉर्नर सीनियर सैकेंड्री स्कूल में मातृ दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों के साथ उनकी माताओं ने भी प्रस्तुती देकर कार्यक्रम में चार-चाॅद लगा दिए।

कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्या रूपाली भटनागर व प्रशासक डॉ. मयंक भटनागर ने माँ सरस्वती के चित्रपट पर दीप प्रज्जवलित एवं माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम का आगाज सभी छात्र-छात्राओं ने नाट्य, गीत, कविता व नृत्य के माध्यम से अपनी माताओं के प्रति आदर-सम्मान की भावनाओं को स्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने अत्यंत गर्व के साथ सभी माताओं को सम्मानित करते हुए व धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी माताओं ने अपने बच्चों को बड़े प्रेम और समर्थन के साथ आगे बढ़ाया है तथा अपना अमूल्य समय निकालकर इस समारोह की शोभा को बढ़ाया है।

माँ शब्द जितना छोटा होता है, उतना ही महत्वपूर्ण होता है, आज हम इसी पवित्र रिश्ते को बड़े सम्मान के साथ विद्यालय में मना रहे हैं, जन्म से लेकर आज तक एक माँ ही है, जो हमेशा हमारा साथ देती है, माँ ही हमारी प्रथम शिक्षिका है। जिन्होंने बोलना, चलना, दुनियाँ को समझना सिखाया तथा हमारे लिए हर रूप में अपना किरदार निभाती है, चाहे चोट लगने पर चिकित्सक, भूख लगने पर रसोइया बनती है और सबसे बड़ी शुभचिंतक माँ ही होती है। जो हर वक्त, हर क्षेत्र में हमारा साथ देती है।

हमारे इतिहास ने भी माँ को भगवान का दर्जा देते हुए उसके योगदान को समझाया हैं और उसके महत्व को समझाते हुए शत-शत नमन किया हैं। इसी पवित्र मातृ दिवस के साथ आज विद्यालय के समर कैंप 2024 का भी उद्घाटन हुआ। जिसमें भाग लेकर प्रत्येक बच्चा अपनी रुचि के अनुसार अपनी प्रतिभा को और निखार सकेगा। विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपाली भटनागर, प्रशासक डॉ. मयंक भटनागर, प्रबंधक मुकुल सरन भटनागर, सीईओ विख्यात भटनागर का यही उद्देश्य रहा है, कि सभी बच्चों को संस्कारी व प्रतिभावान बनाया जाए।

Ravi
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रवि एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी अनूठी शैली और गहन विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में जीवन के विविध पहलुओं का गहन विश्लेषण और सरल भाषा में जटिल भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। रवि के लेखन का प्रमुख उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और पाठकों को आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित करना है। वे विभिन्न विधाओं में लिखते हैं,। रवि की लेखनी में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक मुद्दे और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय समावेश होता है।

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