फिरोजाबाद: 25 साल बाद आया हत्या के मामले में फैसला, तीन भाइयों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

फिरोजाबाद। 25 साल पुराने हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसमें हत्या का मुख्य आरोपी अभी फरार चल रहा है। मकान खाली करने को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। न्यायालय के फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने खुशी जाहिर की है।

वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने बताया की 24 अक्टूबर 1999 संदेश यादव उर्फ छोटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। थाना उत्तर क्षेत्र में रमेश चंद्र उपाध्याय, स्वदेश यादव के घर में किराए पर रहते थे। जहां मकान खाली करने को लेकर स्वदेश का रमेश चंद्र उपाध्याय से विवाद हो गया था। विवाद के बाद रमेश चंद्र ने अपने भाई सुशील मिश्रा, अनिल मिश्रा और मनोज मिश्रा को बुला लिया था। जिसमें सुशील मिश्रा ने स्वदेश यादव के भाई संदेश यादव उर्फ छोटे की लाइसेंसी हथियार से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई स्वदेश यादव ने चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।

यह मामला जिला जज हरवीर सिंह की अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए जिला जज ने दोनों ही पक्षों के वकीलों की दलीलें और गवाहों को सुना। जिसके आधार पर जज ने आरोपी रमेश चंद्र उपाध्याय, अनिल मिश्रा और मनोज मिश्रा को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के वकील राजेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मुख्य आरोपी सुशील मिश्रा फरार चल रहा है। कोर्ट के निर्णय के बाद मृतक के परिजनों ने खुशी जाहिर की है और न्याय मिलने पर न्यायपालिका को धन्यवाद भी दिया है।