शिकोहाबाद: जेएस विश्वविद्यालय में वेस्ट मैनेजमेंट पर आयोजित हुई सेमिनार

-बढ़ते पर्यावरणीय संकट और कचरा प्रबंधन की आवश्यकता विषय पर रखे विचार

शिकोहाबाद। जेएस विश्वविद्यालय में बुधवार को वेस्ट मैनेजमेंट विषय पर एक विशेष ग्लोबल सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन और स्थिरता में नवीनतम प्रगति और रणनीतियों के बारे में जागरूकता फैलाना रहा।

सेमिनार का शुभारंभ विश्वविद्यालय के महानिदेशक डॉ. गौरव यादव ने किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के नेट जीरो लक्ष्यों और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए की जा रही पहलों पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय किस प्रकार से शून्य उत्सर्जन की दिशा में कार्य कर रहा है, और इसमें वेस्ट मैनेजमेंट का कितना महत्वपूर्ण योगदान है। पर्यावरण विशेषज्ञ वसुंधरा मंडिला ने जैविक और अजैविक कचरे के प्रबंधन के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से जैविक कचरे को खाद में परिवर्तित किया जा सकता है और अजैविक कचरे को रिसाइकलिंग के माध्यम से पुनः उपयोग में लाया जा सकता है। कचरे का सही प्रबंधन पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद करता है और स्वच्छता और स्वास्थ्य के लाभ प्राप्त होते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से उन तकनीकों पर जोर दिया, जो वर्तमान समय में कचरा कम करने के लिए उपयोगी हैं। नवाचार समाधान और नई तकनीकों की जानकारी दी, जो कचरे को कम करने और रिसाइकलिंग को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हैं। ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से पर्यावरणीय एवं कचरा प्रबंधन एक्स्पर्ट्स पीयूष पाराशर, निखिल गांधी ने नवाचार तकनीकों की जानकारी विश्वविद्यालय के छात्रों एवं शिक्षकों को दी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ.सुकेश यादव, प्रति कुलाधिपति डॉ. पीएस यादव, महानिदेशक डॉ.गौरव यादव, वाईस चेयर पर्सन डॉ.गीता यादव, मैनेजिंग ट्रस्टी अशोक कुमार, हिमांशु यादव और शुभम यादव उपस्थित रहे। समापन समारोह में महानिदेशक ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।