जीवाराम हाॅल में महापौर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई निगम कार्यकारिणी बैठक

-बैठक में शहरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने को लेकर हुई चर्चा

फिरोजाबाद। शहर में जल भराव की समस्या काफी विकराल है। शहरवासियों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए लगभग 49.97 करोड़ रुपये खर्च कर 109 नालों का निर्माण कराया जाएगा। निगम कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को जीवाराम हॉल में महापौर कामिनी राठौर की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान निगम कार्यकारिणी ने शहर को जलभराव बनाई कार्य योजना पर अनुमोदन की मुहर लगा दी। इसके साथ ही भू-संपत्ति के हस्तांतरण प्रक्रिया पर लगने वाले शुल्क एवं निगम क्षेत्र में सार्वजनिक पार्कों एवं एन कैप के तहत बनाई हरित पटरियों पर लगाए पेड़-पौधों की देखभाल को माली की नियुक्ति जैसे प्रस्तावों को भी कार्यकारिणी विचार मंथन के बाद अपनी हरी झंडी दे दी।

नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को जीवााराम हॉल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुई। सुबह 11 बजे जीवाराम हॉल में हुई बैठक के दौरान आठ सूत्री एजेंडा समयक विचार के लिए कार्यकारिणी के पटल पर रखा गया। एजेंडा में शामिल भू-संपत्ति हस्तांतरण प्रक्रिया पर लगने वाले प्रस्तावित शुल्क संबंधी प्रस्ताव को आंशिक संशोधन के साथ मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा सांसद अनिल जैन की निधि से बनाए इलेक्ट्रॉनिक क्रिमेशन प्लांट (विद्युत शवदाह गृह) को हस्तगत करने जैसे प्रस्ताव को भी कार्यकारिणी का अनुमोदन मिल गया। वहीं सबसे खास निगम क्षेत्र में जलभराव की समस्या के निदान के प्रस्ताव को भी कार्यकारिणी ने अपनी मंजूरी दे दी।

कार्य योजना के तहत शहर के नई व पुरानी आबादी क्षेत्र में जलभराव की समस्या के निदान के लिए कुल 49 करोड, 97लाख, 27373 रुपये की लागत से 109 नाली-नाले का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी ने इस शर्त के साथ अपना अनुमोदन दिया कि एक संयुक्त समिति प्रस्तावित स्थलों पर जाकर नाला निर्माण के औचित्य की जांच करेगी। 26 जून को बोर्ड की बैठक में इन अनुमोदन पर मुहर लगेगी। बैठक में नगर आयुक्त घनश्याम मीणा, उपसभापति श्याम सिंह यादव, कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा निगम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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रवि एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी अनूठी शैली और गहन विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में जीवन के विविध पहलुओं का गहन विश्लेषण और सरल भाषा में जटिल भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। रवि के लेखन का प्रमुख उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और पाठकों को आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित करना है। वे विभिन्न विधाओं में लिखते हैं,। रवि की लेखनी में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक मुद्दे और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय समावेश होता है।

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