फिरोजाबाद: भगवान जगन्नाथ की भक्ति में डूबी सुहागनगरी

-श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्रा का रथ खींचने को लेकर लोगों में मची रही होड़

फिरोजाबाद। सुहागनगरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा गाजे-बाजे के साथ राधाकृष्ण मंदिर से निकाली गई। समूचे शहरवासियों में रथ पर सवार भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्रा के रथ को खींचने की होड़ लगी रही। शहर में भ्रमण के दौरान हर कोई भगवान की एक झलक पाने को आतुर दिखाई दिया।

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा हर साल आषाढ़ महीने की द्वितीय तिथि पर निकाली जाती है। इस रथ यात्रा के निकलने के पीछे कई मान्यताएं हैं, कहते हैं कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के रूप में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम के साथ अपनी बहन सुभद्रा को नगर घुमाने के लिए ले जाते हैं।

इसी कड़ी में रविवार को सुहागनगरी में राधाकृष्ण मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई। रथ यात्रा का शुभारम्भ मुख्य अतिथि देवीचरन अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, पी.के. जिंदल, हनुमान प्रसाद गर्ग द्वारा भगवान की आरती उतारकर व रथ को खीच कर किया। यात्रा राधाकृष्ण मंदिर से शुरू होकर घंटाघर चैराहा, सैण्ट्रल चैराहा, जलेसर रोड, बर्फखाना चैराहा, शिवाजी मार्ग, डाकखाना चैराहा, सरक्यूलर रोड, दुली मुहल्ला चैराहा, हनुमान रोड होते हुए रामलीला परिसर स्थित कैला देवी मंदिर प्रांगण में पहुंचकर सम्पन्न हुई।

इस दौरान लोगो ने जगह-जगह भगवान की आरती उतारी और उन पर पुष्प वर्षा की। यात्रा को भव्य बनाने के लिए महाराष्ट्र, केरल और उड़ीसा से आए कलाकारों ने प्रस्तुति दी। जिन्होंने अपनी कला से भक्तों का दिल जीत लिया। महाराष्ट्र से रंगोली कला का प्रदर्शन हुआ, तो केरल से मणिपुरम नृत्य और उड़ीसा से उड़ी नृत्य की प्रस्तुती दी।

Ravi
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रवि एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी अनूठी शैली और गहन विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में जीवन के विविध पहलुओं का गहन विश्लेषण और सरल भाषा में जटिल भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। रवि के लेखन का प्रमुख उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और पाठकों को आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित करना है। वे विभिन्न विधाओं में लिखते हैं,। रवि की लेखनी में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक मुद्दे और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय समावेश होता है।

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