फिरोजाबाद: साढ़े सात करोड़ की लागत से बनेगा थाना दक्षिण का भवन

-डीएम, एसएसपी और विधायक ने हवन पूजन कर निर्माण कार्य किया शुभारम्भ

फिरोजाबाद। अपराधियों पर अंकुश लगाने और अपराधों में कमी लाने के लिए पुलिस हाईटेक होती जा रही है, लेकिन थाने अभी भी खंडहरों और पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे में शहर के बीचों बीच बने थाना दक्षिण के जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण के साथ ही नए भवन का निर्माण होगा। जिसके लिए रविवार को भूमि पूजन किया गया।

शहर के बजरिया सब्जी मंडी के पास थाना दक्षिण के नए भवन के निर्माण के लिए शहर विधायक मनीष असीजा, डीएम रमेश रंजन, एसएसपी सौरभ दीक्षित, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश शंखवार ने भूमि पूजन के साथ ही हवन यज्ञ किया। विधि विधान से नए भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया। विधायक ने बताया कि जगह का अभाव होने के कारण भी इस नए थाने का प्रस्ताव पास हुआ है। इस थाने को साढ़े सात करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। जिसमें डायल 100 रूम के साथ ही रिक्रिएशन रूम, 36 व्यक्तियों के लिए बैरक, मीटिंग हाल, स्टोर, किचिन, डायनिंग हाल, दो गैराज, पावर बेकअप रूम, सीसी रोड, वाटरलाइन, नलकूप समेत विभिन्न काम कराए जाएंगे।

यह थाना तीन मंजिला होगा। जिसमें भूतल पर एसएचओ रूम, रिसेप्शन रूम, पुरुष लोकअप, प्रथम तल पर लेडिज रेस्ट रूम, एसआई रूम, स्टाफ रूम, कंप्यूटर रूम होंगे, द्वितीय तल पर रिक्रिएशन रूम, बैरक, शौचालय बनेंगे जबकि तृतीय तल पर दो एसआई रूम, मीटिंग हाल, स्टोर, किचिन, डायनिंग हाल बनाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि तय समय के अंदर इस थाने का निर्माण कराने के लिए संबंधित ठेकेदार और एजेंसी मालिक को निर्देशित किया गया है। इस दौरान एसपी सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा, सीओ सिटी हिमांशु गौरव, अनुपम शर्मा, सुनील शर्मा, भगवान दास शंखवार, विशाल मोहन यादव, सत्यवीर गुप्ता, रामनरेश कटारा, अंबेश शर्मा, सुभाष यादव, नवीन उपाध्याय, प्रदीप जैन सराफा, अतुल जैन आदि मौजूद रहे।

Ravi
Ravi

रवि एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी अनूठी शैली और गहन विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में जीवन के विविध पहलुओं का गहन विश्लेषण और सरल भाषा में जटिल भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। रवि के लेखन का प्रमुख उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और पाठकों को आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित करना है। वे विभिन्न विधाओं में लिखते हैं,। रवि की लेखनी में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक मुद्दे और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय समावेश होता है।

Articles: 2218