शिकोहाबाद: जमीन घोटाले को लेकर सोमवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे

-अधिवक्ताओं ने एकत्रित होकर तहसील से रजिस्ट्रार कार्यालय तक की नारेबाजी

शिकोहाबाद। जमीन घोटाले को लेकर विगत 4 जुलाई से अधिवक्ता आंदोलनरत हैं। सोमवार को आगरा की अधिवक्ता राधा यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एकत्रित होकर तहसील से सब रजिस्ट्रार कार्यालय तक मार्च किया और नारेबाजी की। चेतावनी दी जब तक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

तहसील में अधिवक्ता बीडी शर्मा की 75 बीघा जमीन को सिरसागंज के तत्कालीन एसडीएम, नायब तहसीलदार और लेखपाल (आरके) ने संयुक्त रूप से मिली भगत से उनकी जमीन को खसरा खतौनी में नाम चढ़वा कर उसकी बिक्री अपने रिश्तेदारों के नाम करा ली। जब इसकी जानकारी बीडी शर्मा को हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने इसकी जानकारी साथी अधिवक्ताओं को दी। जिसके बाद से रेवेन्यू बार एसोसियेशन के अधिवक्ता आंदोलनरत हैं। सोमवार को आगरा से राधा यादव अधिवक्ता तहसील पहुंची और उन्होंने अपना समर्थन दिया। इसके बाद उनके नेतृत्व में सभी अधिवक्ता तहसील से नारेबाजी करते हुए सब रजिस्ट्रार कायार्लय पहुंचे। यहां पर भी अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। सब रजिस्ट्रार समेत सभी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी जब तक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती है, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

-अधिवक्ताओं के सभी आरोप असत्य और निराधार-सब रजिस्ट्रार

सब रजिस्ट्रार गौरव कुमार ने सोमवार को मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका 75 बीघा जमीन घोटाले से दूर-दूर तक का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने जो बैनामा किये हैं वे सभी अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए किये हैं। अधिकार क्षेत्र से बाहर उन्होंने कोई कार्य नहीं किया है। इस पूरे प्रकरण में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन पर अधिवक्ता जो आरोप लगा रहे हैं, वे असत्य और भ्रामक तथा निराधार हैं। कुछ लोग बैल्कमेल करने के उद्देश्य से उनका नाम इस प्रकरण में शामिल कर रहे हैं और उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो बैनामा किये हैं, उनमें विक्रेता का नाम खसरा, खतौनी में चढ़ा है। बैनामा के समय दोनों पक्षों से जानकारी की। दोनों पक्ष सहमत थे, जिसके बाद बैनामा किये गये। इसमें उनकी कोई कमी अथवा मिलीभगत नहीं है।

-एडीएम से वार्ता हुई विफल

जमीन घोटाले को लेकर अधिवक्ताओं के आंदोलन को लेकर सोमवार को एडीएम न्यायिक संगीता गौतम ने एसडीएम कार्यालय में अधिवक्ताओं और पीड़ित अधिवक्ता से इस संबंध में वार्ता की। अधिवक्ताओं ने एडीएम से मांग की कि पहले अधिकारियों के खिलाफ जो रिपोर्ट शासन को भेजी गई है, उसे मीडिया को देकर सार्वजनिक किया जाए। इसके बाद जमीन घोटाले में दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही अन्य मांगें अधिवक्ताओं ने रखी, जिन पर एडीएम न्यायिक ने कहा कि उनकी मांगें उचित नहीं हैं। इसके बाद अधिवक्ताओं ने वार्ता को विफल बताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

Dinesh
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दीनेश वशिष्ठ एक अनुभवी और समर्पित पत्रकार हैं, जो पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी गहन समझ और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने पत्रकारिता में कई वर्षों का अनुभव अर्जित किया है। दीनेश की विशेषता उनकी गहरी शोध क्षमता और सत्य को उजागर करने की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर किया है और उनके रिपोर्ट्स ने समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

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