फिरोजाबाद: विवादित भूमि कांड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा एक्शन

-एसडीएम, नायब तहसीलदार, कानूनगो, पेशकार को किया निलंबित

फिरोजाबाद। सिरसागंज के गांव रुधैनी में विवादित 75 बीघा भूमि अपने रिश्तेदारों के नाम कराने के मामले में शासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने एसडीएम विवेक राजपूत और प्रभारी तहसीलदार रहे नायब तहसीलदार नवीन कुमार को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। वहीं शासन के आदेश पर डीएम रमेश रंजन ने कानूनगो मुकेश कुमार चैहान और एसडीएम के पेशकार प्रमोद शाक्य को भी निलंबित किया है। ये कार्रवाई पिता के नाम बैनामा कराने वाले लेखपाल अभिलाष पर पहले ही हो गई थी।

बिना वैध वारिस की करोड़ों रुपये कीमत की 75 बीघा भूमि के बंदर बांट में कोई पीछे नहीं रहा। नायब तहसीलदार तक ने अपने सास-ससुर और साली के नाम पर बैनामा करा लिया। इनका सौदा सिरसागंज के जिला पंचायत सदस्य ने तय कराया था। वहीं, राजस्व निरीक्षक कार्यालय (आरआइओ) का कार्य देख रहे लेखपाल ने भी हाथोंहाथ खतौनी में नाम चढ़ाने के बदले अपने करीबियों के नाम भूमि करा ली। एसडीएम के गांव के लोगों के नाम से भी बैनामे हुए हैं।

-1985 से चल रहा था मुकदमा

वर्ष 1985 से तीन पक्षों के बीच चल रहे भू-स्वामित्व के विवाद को सुलझाने का सिरसागंज तहसील में अधिकारियों ने ऐसा तरीका निकाला, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। इसी वर्ष सात जून को तत्कालीन एसडीएम विवेक राजपूत ने तहसीलदार द्वारा 28 जनवरी 2019 को दिए निर्णय को पलट दिया। एसडीएम के आदेश के बाद भी जहां किसान खतौनी में नाम दर्ज कराने के लिए महीनों तहसील के चक्कर काटते हैं, इस मामले में वह अगले कार्य दिवस में ही दर्ज हो गया।

-रिश्तेदारों के नाम कराए बैनामे

8 जून को द्वितीय शनिवार और नौ जून को रविवार का अवकाश होने के बाद 10 जून को तहसील खुलते ही पहला काम मनोज कुमार करसौलिया आदि के नाम खतौनी में चढ़ाने का हुआ। इसी के आधार पर मनोज कुमार आदि ने 12 जून को पूरी भूमि बेच दी। 25 बीघा भूमि के तीन बैनामे प्रभारी तहसीलदार का कार्य देख रहे तत्कालीन नायब तहसीलदार नवीन कुमार की सास राजश्री चाहर, ससुर महिपाल और साली अनीता सिंह निवासीगण 26 डिफेंस कालोनी आगरा के नाम हुए।