सुहागनगरी के कांच उद्योग के लिए निराशा जनक रहा आम बजट

फिरोजाबाद। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए आम बजट में सुहागनगरी के चूड़ी एवं कांच उद्योग को कुछ हासिल नहीं हो सका। जिसको लेकर कांच नगरी के उद्यमियों में भारी निराशा है।
मंगलवार को संसद में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश किया। बजट में की गई सरकारी घोषणाओं को जानने के लिए शहर के उद्यमी दिन भर टीवी पर बजट देखेते दिखाई दिए। लेकिन आम बजट में चूड़ी व कांच उद्योग को राहत देने जैसा कुछ भी नहीं दिखा। जिसको लेकर उद्योग जगत को काफी निराशा हुई है।
आम बजट को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया
केद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है वह बहुत ही निराशजनक है। इसमें जो इनकमटैक्स की छूट का स्लैब था वह यथावत रखा गया है। सुहागनगरी के कांच उद्योग को कुछ नही मिला है। कांच के उत्पादो पर लगने वाली 18 प्रतिशत जीएसटी को 12 प्रतिशत किया जाना चाहिए था।
अभिषेक मित्तल चंचल, युवा उद्योगपति
हमें उम्मीद थी कि वित्तमंत्री कांच उत्पादों लगने वाली 18 प्रतिशत जीएसटी को कम किए जाने की घोषणा आम बजट में करेंगी। लेकिन बजट की घोषणा में ऐसा नहीं किया गया।
मुकेश बंसल टोनी, कांच उद्यमी
वित्तमंत्री ने टैक्स स्लैब में कोई चेंज नहीं किया जिसकी उम्मीद की जा रही थी, क्रिप्टो कैरांसी पर टैक्स लगाना ज्यादा लाभदायक नहीं पर कपड़ो और इलेक्ट्रिकल आइटम सस्ता होने से कुछ राहत मिलेगी।
डा. मयंक भटनागर समाजसेवी व शिक्षक
आम बजट में कांच उद्योग को कोई राहत नहीं दी गई है। शहर के उद्यमी कांच उद्योग में उपयोग की जा रही नेचुरल गैस को जीएसटी के दायरे में लाने की उम्मीद कर रहे थे जो कि पूरी नहीं हो सकी।
हेमंत अग्रवाल बल्लू, युवा उद्योगपति
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