रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाकर धरने पर बैठे ग्रामीण

ग्रामीणों ने किया मतदान बहिष्कार का ऐलान, लाइनपार क्षेत्र के नगला छैंकुर का मामला

टूंडला। सड़क न बनने से परेशान ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान कर दिया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के मुताबिक विगत कई वर्षो से इस सड़क का निर्माण न होने के कारण जगह-जगह जलभराव और गड्ढे हो गए हैं। इसकी वजह से निकलना मुश्किल हो रहा है।

विधानसभा चुनाव से पहले रविवार को लाइनपार क्षेत्र के नगला छैंकुर के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे स्टेशन से यमुना तक करीब तीन किलोमीटर के रास्ते में रेलवे द्वारा पानी की पाइप लाइन डाली गई है। इसकी वजह से रेलवे इस सड़क को नहीं बनने देता है। तीन किलोमीटर के रास्ते में अनगगिनत गड्ढे हैं। जहां से गुजरना चुनौतीपूर्ण है। कई बार वाहन यहां पलट जाते हैं और दो पहिया वाहन स्वामी कीचड़ में गिरकर घायल हो जाते हैं।

कई बार शिकायत करने के बाद भी इस सड़क को नहीं बनवाया जा सका है। इस सड़क से करीब दर्जन भर गांव के लोगों का प्रतिदिन आवागमन रहता है। श्मसान घाट और कब्रिस्तान जाने का रास्ता भी यही है। रास्ता खराब होने के कारण एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाता। ग्रामीणों के मुताबिक पाइप लाइन के बीच में 15 से 18 फीट का अंतर है। इसके बाद भी सड़क को नहीं बनाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में आरके सिंह बघेल, संजीव, मुरारीलाल, रामप्रकाश बघेल, विजय कुमार, बंटी यादव, भानुप्रताप सिंह, हरीशंकर बघेल, महेशचंद्र, श्याम उपाध्याय, बांकेलाल, महावीर सिंह, नेकसेलाल आदि शामिल रहे।

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