फिरोजाबाद: सुहागनगरी में धूमधाम से निकली भगवान परशुराम की शोभायात्रा

-शोभायात्रा में रामदरबार की झांकी रही विशेष आकर्षण का केंद्र
-भगवान परशुराम के डोले की जगह-जगह उतारी गई आरती, विप्र बंधुओं ने पुष्प वर्षा कर किया स्वागत

फिरोजाबाद। सुहागनगरी में भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में तीन डोले और छह झांकियों के साथ भगवान श्री राम दरबार मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। शोभायात्रा का मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शहर भर में 21 जगहों पर स्वागत द्वार सजाए गए।

रविवार को भगवान परशुराम की शोभायात्रा राजा दाल मील से प्रारम्भ होकर राधा कृष्ण मंदिर, छोटे चैराहा, घंटाघर चैराहा, गंज चैराहा, सिनेमा चैराहा, जलेसर रोड बर्फखाला चैराहा, पुराना डाकखाना चैराहा, माता बाला बाग कोटला रोड होते हुए रामलीला परिसर स्थित परशुराम शिविर पर पहुंचकर सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में 251 महिलाएं पीतवस्त्र धारण कर रामदरबार की झांकी के साथ चल रही थी। शोभायात्रा का मार्ग में अनेक स्थानों पर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में भगवान परशुराम, रामदरबार की झांकी के अलावा बाहुबली हनुमान, महाकाल, बरसाने की फूलों की होली के साथ आधा दर्जन झांकियां शामिल हुईं। मार्ग में बैंड अपनी मधुर ध्वनि विखेरते हुए चल रहे थे।

इस दौरान शोभायात्रा के संयोजक दिनेश वशिष्ठ, आयोजन समिति अध्यक्ष उमाकांत पचैरी, अरविंद पचैरी, शोभायात्रा प्रभारी मुकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष योगेंद्र मोहन शर्मा, रवींद्रलाल तिवारी, उमेश, अशोक गर्ग, संजीव उपाध्याय, संदीप तिवारी, कौशल किशोर उपाध्याय, कल्पना राजौरिया, शशिकांत शर्मा, अमित उपाध्याय, कृष्णकांत वशिष्ठ, अनुराग रावत, मोहित शर्मा, अमित गुप्ता, सुनील शर्मा, सुनील मिश्रा, विजय शर्मा, हरिओम वर्मा, प्रमोद राजौरिया, अशोक गर्ग, अम्बेश शर्मा, संजीव उपाध्याय के अलावा ब्राह्मण समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Ravi
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रवि एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी अनूठी शैली और गहन विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में जीवन के विविध पहलुओं का गहन विश्लेषण और सरल भाषा में जटिल भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। रवि के लेखन का प्रमुख उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और पाठकों को आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित करना है। वे विभिन्न विधाओं में लिखते हैं,। रवि की लेखनी में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक मुद्दे और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय समावेश होता है।

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