फिरोजाबाद: प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, समाधान की मांग

फिरोजाबाद। सोमवार को अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। जिसमें उक्त समस्याओं का समाधान किये जाने की मांग की हैं।

प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि 15 दिसंबर 2021 को प्रदेशभर के प्रधानों को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो मैदान में मुख्यमंत्री द्वारा बुलाकर तमाम घोषणाएं की गई, उनको अभी तक पूरा किया जाना तो दूर, उल्टा पंचायतों को प्रयोगशाला बनाकर नितनये शासनादेश जारी करके विकास कार्यों में अवरोध पैदा किया जा रहा है। जिससे पंचायत एवं प्रधानों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। साथ ही कहा कि पंचायत गेट-वे सॉफ्टवेयर में पंचायत सहायक के फेस आईडी का शासनादेश जारी किया गया है, उसे तत्काल वापस लिया जाए। मनरेगा का भुगतान सचिव एवं प्रधान के डोंगल से पंचायत पर किया जाए। मस्टरोल जारी, डिमांड फीडिंग का कार्य भी पंचायतों में किया जाए।

पांच लाख तक की वित्तीय तकनीकी स्वीकृति पंचायतों के हैंडवर की जाए। वर्ष 1993 में पारित 73वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत 29 विषय वस्तु, उनसे जुड़े अधिकार, कोष, कार्य और पंचायत कर्मियों को सौंपकर सत्ता विकेंद्रीकरण किया जाए। पंचायत सहायक, प्रधान, शौचालय, केयरटेकर का मानदेय सरकार द्वारा अलग से दिया जाए। रजिस्टर्ड डिप्लोमा होल्डर अथवा जनपद में नियुक्त किसी भी तकनीकी सहायक से एस्टीमेट बनवाने की छूट दी जाए। जिले के प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों की सहभागिता समाधान दिवसों में की जाए। साथ ही जिला योजना समिति में प्रधानों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। राज्य वित्त आयोग व प्रशासनिक सुधार आयोग की समस्त सिफारिशों को लागू किया जाए आदि मांगे रही।

ज्ञापन देने वालों में मंडलाध्यक्ष राहुल यादव एड, जिला उपाध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा, डॉ.सर्वेश कुमार, बी.एल बघेल, ब्लॉकध्यक्ष नारखी अवधेश प्रताप सिंह, फिरोजाबाद होशियार सिंह, हाथवंत मोरध्वज राजपूत, जसराना शिवराज सिंह शाक्य, टूंडला डॉ संजय यादव, अंराव ब्रह्म प्रकाश राजपूत, मनोज कुमार प्रधान, पुष्पेंद्र यादव, राजमणि यादव, भूपेंद्र कुमार, सूबेदार सिंह, बृजेश कुमार उपाध्याय, मूलचंद, सोनवीर सिंह, रामबाबू यादव, धर्मेंद्र कुशवाहा, ताराचंद, नरोत्तम सिंह, आशीष बर्मा, जेपी वर्मा, सोवरन सिंह सहित सैकड़ो प्रधान उपस्थित रहे।

 

Ravi
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रवि एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी अनूठी शैली और गहन विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में जीवन के विविध पहलुओं का गहन विश्लेषण और सरल भाषा में जटिल भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। रवि के लेखन का प्रमुख उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और पाठकों को आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित करना है। वे विभिन्न विधाओं में लिखते हैं,। रवि की लेखनी में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक मुद्दे और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय समावेश होता है।

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