फिरोजाबाद: दहेज में पल्सर नहीं मिली तो पति ने दिया तीन तलाक

-विवाहिता ने देवर पर लगाया दुष्कर्म के प्रयास का आरोप
-छह माह पहले हुआ था निकाह, माता पिता की हो चुकी है मौत

फिरोजाबाद। माता-पिता की मौत के बाद युवती का रिश्तेदारों ने हैसियतानुसार निकाह करा दिया। ससुराल में भी ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में पल्सर बाइक की मांग करने लगे और प्रताड़ित करने लगे। वह ससुरालियों के ताने झेलते रही। वहीं, पति की अनुपस्थिति में देवर उस पर बुरी नजर रखने लगा। दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पति से शिकायत की तो उल्टा पति ने उसे ही तीन तलाक बोलकर घर छोड़ आया। पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।

थाना रामगढ़ क्षेत्र के नूर नगर निवासी एक युवती का निकाह 25 नवम्बर 2023 को आरिफ पुत्र इश्त्याक अली निवासी नूर नगर के साथ हुआ था। युवती के माता-पिता का पहले ही देहांत हो चुका था। इसलिए उसके रिश्तेदारों ने मिलकर निकाह कराया। शादी के बाद पल्सर की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। उसको मारा पीटा जाता और भूखा रखा जाता था।

विवाहिता का आरोप है कि इसी बीच उसका देवर उसके साथ छेड़छाड करने लगा। विरोध पर ससुराल वाले उसका साथ नहीं देते और विवाहिता के साथ जानवरों जैसा व्यवहार शुरू कर दिया। देवर ने पति की गैर मौजूदगी में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। किसी तरह वह बचकर भागी और ससुराल वालों को पूरी घटना बताई। दूसरे दिन पति विवाहिता को लेकर मायके आया और उसको बाइक की मांग के साथ ही देवर द्वारा किए कृत्य को किसी को नहीं बताने की कही।

विवाहिता ने ऐसा करने से मना किया जो आरोपी ने उसको तीन तलाक बोला ओैर फिर से उसकी पिटाई शुरू कर दी। लोगों ने विवाहिता को बचाया। विवाहिता ने पति आरिफ, सास शमीम बानों, जेठ शाहिद, देवर आसिफ, जिठानी जीनत पत्नी शाहिद के खिलाफ मारपीट, दहेज को लेकर उत्पीड़न और मुस्लिम विवाह अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

Ravi
Ravi

रवि एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में अपनी अनूठी शैली और गहन विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में जीवन के विविध पहलुओं का गहन विश्लेषण और सरल भाषा में जटिल भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। रवि के लेखन का प्रमुख उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना और पाठकों को आत्मविश्लेषण के लिए प्रेरित करना है। वे विभिन्न विधाओं में लिखते हैं,। रवि की लेखनी में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक मुद्दे और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय समावेश होता है।

Articles: 2244