जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी दिखे सख्त

-स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर करने के दिए निर्देश
-सरकारी अस्पतालों  में बाहरी तत्वोें का जमावाड़ा होगा खत्म
-अनावश्यक हस्तक्षेप व रेफर कराने वालोें को चिन्हित कर भेजा जाएगा जेल

फिरोजाबाद। जिलाधिकारी डाॅ उज्ज्वल कुमार की अध्यक्षता में गुरूवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत जिला स्वास्थ्य समिति व आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जिला शिकायत निवारण समिति एवं संचारी की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रैट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रोजेक्टर के माध्यम से एक-एक कर समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी डाॅ उज्जवल कुमार ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि जिला अस्पतला सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में जमावाड़ा लगा रहता है, जो कि मरीजों और उनके तीमारदारों को मरीज का रेफर कराने व अपने स्वार्थ के प्राइवेट अस्पतालों में ले जाने के लिए प्रेरित करते है। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे बाहरी तत्वों को चिन्हित कर जेल भेजने की कार्यवाही सुनिश्चित करें और इसमें पुलिस व जिला प्रशासन का पुरा सहयोग लें।

पिछली स्वास्थ्य समिति की बैठक में सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर प्रगति करने के साथ संस्थागत प्रसवों के लिए प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने क्षेत्र में दो-दो डिलीवरी सेण्टर संचालित करने के निर्देश दिए थे। उन्होने प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव कार्यक्रम को शत-प्रतिशत किए जाए, कोई भी बच्चा निर्धारित लगने वाले टीकों से वंचित नहीं रहने पाए। एमओआईसी अपने क्षेत्र अंतर्गत जाकर रैंडम जाकर जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कोई भी प्रसव घर पर नहीं हो यह सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी एमओआईसी जहां आवश्यकता है वहां पर दो-दो डिलीवरी पोइंट इस माह अनिवार्य रूप से संचालित होने के साथ एक-एक डिलिवरी पाइंट और चिन्हित किया जाए। उन्होने निर्देश दिए कि क्षेत्र में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव के लिए एएनएम व अधीनिष्ठ स्टाफ को डिलिवरी कराने के लिए प्रशिक्षित करें और हाईरिस्क पे्रग्नेन्सी के लिए एक एसओपी बना कर लागू करें। बैठक में सीडीओ दीक्षा जैन, सीएमओ आदि मौजूद रहे।