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फिरोजाबाद: राष्ट्रीय लोक अदालत में 180948 वादों का हुआ निस्तारण

फिरोजाबाद। जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 180948 वादों का निस्तारण कर 151006563 रूपए का अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का उदघाटन हरवीर सिंह, जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद न्यायाधीश, हरवीर सिंह ने सभी न्यायिक अधिकारीगण, अन्य विभागों के उपस्थित अधिकारीगण एवं बैंक अधिकारीगणों से लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों के निस्तारण का आहवान किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में राजस्व, स्टाम्प, सिविल, धारा 138 एन.आई. एक्ट, भरण पोषण व अन्य अपराधिक एवं वैवाहिक वाद में अधिक से अधिक मुकदमों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर कराये जाने पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में यजुवेन्द्र विक्रम सिंह अपर जनपद न्यायाधीश व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजीव सिंह नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा द्वारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 180948 वादों का निस्तारण कर कुल मु. 151006563 रूप्ए का अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया गया। इनमें से मुख्यतः जनपद न्यायालय द्वारा 71050 वाद, परिवार न्यायालयों द्वारा 136 वाद निस्तारित कर सुलह समझौते के आधार पर आठ जोडे एक साथ भेजे गये।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 39 वादों का निस्तारण करते हुए 23079000 रू. धनराशि प्रतिकर के रूप में प्रदान की गयी है। राजस्व न्यायालय द्वारा 24965 वाद, बैंक द्वारा बसूली योग्य 682 वादों में 118222523 रू. धनराशि का सैटलमेंट किया गया। अन्य विभागों द्वारा 84076 वाद निस्तारित किये गये। कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय एवं प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, एसएसपी आशीष तिवारी, अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदि मौजूद रहे। 

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